एसआईटी जांच की खामियां

एसआईटी की जांच संघ परिवार अपराधियों के बीच एक “दायित्व की कड़ी” स्थापित करने में विफल रही हैं। उदाहरण के लिए, हम अभी भी पता नहीं कि पुलिस नियंत्रण कक्ष में बैठे मंत्री दंगे के दौरान जयदीप पटेल के साथ संपर्क में क्यों थे, जो कि खुद बाबू बजरंगी और माया कोडनानी के साथ संपर्क में था ।

अगर हम मोदी के जवाबों को देखें, तो यह भी स्पष्ट हो जाता है कि उन्हें कोई चुनौती नहीं दी जा रही है, उनके दावों पर कोई सवाल या जिरह नहीं किया गया ।

यहाँ निम्न पन्नों की सूची में इस तरह की प्रत्येक कमियों की विस्तार से चर्चा की है।

  1. विहिप को शवों का सौंपना
  2. शवयात्रा
  3. मोदी की गोधरा कांड को पूर्व नियोजित बताने की घोषणा
  4. सी सी टी को हरेन पंड्या की गवाही
  5. पुलिस अधिकारियों की भूमिका
  6. लापता पुलिस रिकॉर्ड का रहस्य
  7. बेचराजी मंदिर में नफरत फैलाने वाला भाषण
  8. हिंसा को क्रिया-प्रतिक्रिया का औचित्य प्रदान करना

एसआईटी के ही दो संस्करणों के बीच कुछ अन्य इस तरह के विरोधाभासों और त्रुटियों को यहां सूचीबद्ध किया गया है।

Rate this post
Share This:
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *